Sunday, 25 August 2013

अनुराग



लड़की-मेरा राजा बेटा बुझों एक पहेली।
          प्यारी-प्यारी आँखों की कौन सहेली
लड़का-निंदिया
लड़की-मेरा राजा बेटा बुझों एक पहेली।
          सोये जग, जागे सारी रात अकेली
लड़का-माँ
लड़की-बन-ठन के आये निंदिया जगाये
          चान्द के माथे पे बिंदिया लगाये
          मुखड़े पे चमके चन्द्र किरण
          मेरा राजा बुझे एक पहेली
          कौन सी दुल्हन नार-नवेली,बोलो क्या?
लड़का-रात
लड़की-खोया अन्धेरे मे मेला जहाँ का
          नैन-झरोखों से सपनों ने झाँका
          धीरे-धीरे चले री पागल पवन
          मेरा राजा बेटा बुझे एक पहेली
          चन्दा के बालों में महके चमेली
लड़का-गजरा
लड़की-हाँ   …..हाँ…….हाँ…….

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