लड़की-मेरा राजा बेटा बुझों एक पहेली।
प्यारी-प्यारी
आँखों की कौन सहेली
लड़का-निंदिया
लड़की-मेरा राजा बेटा बुझों एक पहेली।
सोये
जग, जागे सारी रात अकेली
लड़का-माँ
लड़की-बन-ठन के आये निंदिया जगाये
चान्द
के माथे पे बिंदिया लगाये
मुखड़े
पे चमके चन्द्र किरण
मेरा
राजा बुझे एक पहेली
कौन
सी दुल्हन नार-नवेली,बोलो क्या?
लड़का-रात
लड़की-खोया अन्धेरे मे मेला जहाँ का
नैन-झरोखों
से सपनों ने झाँका
धीरे-धीरे
चले री पागल पवन
मेरा
राजा बेटा बुझे एक पहेली
चन्दा
के बालों में महके चमेली
लड़का-गजरा
लड़की-हाँ
…..हाँ…….हाँ…….
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